केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026 को जनता-केन्द्रित और विकासोन्मुखी बताते हुए सरकार ने इसे “परिवर्तन मिशन” का नाम दिया है। इस बजट में मध्यम वर्ग, युवाओं, महिलाओं और किसानों को केंद्र में रखते हुए कई बड़ी घोषणाएँ की गई हैं। साथ ही बुनियादी ढाँचे (Infrastructure), डिजिटल सशक्तिकरण और हरित ऊर्जा पर भारी निवेश का रोडमैप पेश किया गया है।
मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत
बजट 2026 में मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए आयकर ढांचे में सुधार किया गया है। कर स्लैब को सरल बनाया गया है ताकि ईमानदार करदाताओं पर बोझ कम हो और उपभोग क्षमता बढ़े। सरकार का दावा है कि इससे घरेलू मांग को मजबूती मिलेगी और अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
युवाओं के लिए नौकरी और स्किल मिशन
युवाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने “नौकरी की गारंटी” और स्किल लोन–इंटर्नशिप योजना की घोषणा की है।
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1 करोड़ युवाओं को स्किल लोन और इंटर्नशिप का लाभ
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तकनीकी और डिजिटल क्षेत्रों में प्रशिक्षण
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स्टार्टअप और एमएसएमई को रोजगार सृजन का केंद्र बनाने की योजना
यह पहल बेरोजगारी की गंभीर समस्या से जूझ रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
शिक्षा बजट: गुणवत्ता और क्रियान्वयन पर ज़ोर
शिक्षा बजट में डिजिटल शिक्षा, राष्ट्रीय डिजिटल पहचान (Digital ID) और शिक्षक प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी गई है।
सरकार का दावा है कि 6 करोड़ किसानों और छात्रों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिससे पारदर्शिता और पहुंच दोनों बढ़ेंगी।
महिलाओं के लिए विशेष योजनाएँ
बजट 2026 में महिलाओं के लिए:
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चयनित महिलाओं को स्टार्टअप हेतु ब्याज-मुक्त ऋण
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स्वयं सहायता समूहों को विस्तार
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महिला उद्यमिता को बढ़ावा
यह कदम महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
किसान, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था
कृषि क्षेत्र में:
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फसल बीमा योजना का विस्तार
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डिजिटल कृषि प्लेटफॉर्म
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ग्रामीण रोजगार और कृषि आधारित उद्योगों पर ज़ोर
सरकार का कहना है कि इससे किसानों की आय में स्थिरता आएगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन एनर्जी पर ‘मेगा निवेश’
बजट 2026 में:
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रेल और पर्यटन: नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
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ग्रीन एनर्जी: पवन, सौर और हाइड्रोजन ऊर्जा
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शहरी विकास: स्मार्ट सिटी और मेट्रो विस्तार
इन योजनाओं का उद्देश्य रोजगार सृजन के साथ-साथ सतत विकास को बढ़ावा देना है।
सामाजिक न्याय और जवाबदेही का सवाल
हालाँकि बजट में विकास और राहत की घोषणाएँ की गई हैं, लेकिन मानवाधिकार, सामाजिक सुरक्षा, अल्पसंख्यक संरक्षण और संघर्षग्रस्त क्षेत्रों (जैसे मणिपुर) के लिए विशेष हस्तक्षेपों की कमी पर सवाल भी उठ रहे हैं।
विकास तभी सार्थक होगा जब लोकतांत्रिक अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय को समान महत्व दिया जाए।
निष्कर्ष
बजट 2026 को एक आकांक्षी और विस्तारवादी बजट कहा जा सकता है, जिसमें जनता को “शानदार सुनवाई” का संदेश देने की कोशिश की गई है। अब असली परीक्षा इसके ईमानदार और पारदर्शी क्रियान्वयन की होगी।
बजट की सफलता कागज़ी घोषणाओं से नहीं, बल्कि ज़मीन पर बदलाव से तय होगी।

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